आजमगढ़। साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में आजमगढ़ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लगभग सात लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में पुलिस ने अंतर्राज्यीय साइबर गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार किया है।
आरोपी बिहार का रहने वाला है और ठगी की रकम को नकद में बदलकर गिरोह तक पहुंचाने का काम करता था।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में साइबर क्राइम थाना की टीम ने यह कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार दीदारगंज थाना क्षेत्र के चितारा महमूदपुर निवासी डॉ. शफी उज्जमां के यूनियन बैंक और केनरा बैंक खातों से 17 जनवरी 2026 को कुल 6 लाख 98 हजार 619 रुपये की धनराशि उनकी जानकारी के बिना निकाल ली गई थी। पीड़ित द्वारा तत्काल बैंक और राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई गई थी।
मामले की जांच के दौरान साइबर क्राइम टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल लोकेशन के आधार पर बिहार के पूर्वी चंपारण निवासी जितेन्द्र प्रसाद यादव को चिन्हित किया। पुलिस टीम ने उसे कुशीनगर के कसया क्षेत्र से हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें साइबर ठगी के नेटवर्क से उसके संबंध सामने आए। इसके बाद उसे विधिक कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी अपने साथियों के साथ मिलकर साइबर ठगी के संगठित नेटवर्क का संचालन करता था। गिरोह फर्जी बैंक खाते और क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कर साइबर अपराध से अर्जित धनराशि को विभिन्न खातों में ट्रांसफर करता था। इसके बाद आरोपी पेट्रोल पंप, जनसेवा केंद्र और अन्य प्रतिष्ठानों पर कार्ड तथा यूपीआई के माध्यम से भुगतान कर नकदी प्राप्त करता था और रकम को गिरोह के सदस्यों में बांट देता था।
गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से एक मोबाइल फोन, 1460 रुपये नकद, दो एटीएम कार्ड, आधार कार्ड, पैन कार्ड, निर्वाचन पहचान पत्र तथा एक स्विफ्ट कार बरामद की गई है। बरामद वाहन को मोटर वाहन अधिनियम के तहत सीज कर दिया गया है।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई करते हुए उसे न्यायालय भेज दिया है। वहीं साइबर क्राइम थाना की टीम गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है।
रिपोर्ट – First Talk India News, आजमगढ़